https://www.youtube.com/watch?v=jshon07hh3U
दुर्गा अमृतवाणी | Durga Amritwani | Durga Mata Ke Bhajan | Durga Song | Bhakti Song
🔔 मेरे प्रिय भक्तों आप सभी से अनुरोध है कि @bhajanindia चैनल को Subscribe करें व भक्ती भजनो का आनंद ले व अन्य भक्तों के साथ SHARE करें व LIKE जरूर करें 🙏 https://youtube.com/@bhajanindia
📱 Listen to Your Favorite Bhakti Songs, Get Full Lyrics & Meaning, Visit our Website
https://www.youtube.com/@bhajanindia
Popular Durga Bhajans:
🙏Jai Shailputri Mata Aarti – https://youtu.be/Ege9Fqgf7jQ
🙏Sarva Mangala Mangalye – https://youtu.be/peapyJhQTZM
🙏Jai Ambe Gauri – https://youtu.be/kWOphdXmY3o
🙏Ambe Tu Hai Jagdambe – https://youtu.be/Oon9SoVpuuM
🙏Durga Shamani – https://youtu.be/l6rf1icxVyw
Credits:
Singer : Astha Lohar
Lyrics : Devendra Rana
Music : Kashyap Vora
Music Label: Wings Music
© & ℗ Wings Entertainment Ltd.
Lyrics:
जय दुर्गा जय आदि भवानी
दीन दयामय जग कल्याणी
दुर्गा दुर्गति हरने वाली
अष्टभुजी माँ शेरोंवाली
माँ ही चलाती सृष्टी सारी
जगजननी माँ पालनहारी
जन हितकारी दुर्गा माता
अंतरयामी भाग्य विधाता
दुर्गा महिमा जगत उजागर
प्रेम दया का बहता सागर
माँ ममता की निर्मल धारा
माँ का दर्शन सबसे प्यारा
शक्तिस्वरूपा शेर सवारी
अभयदायनी पर उपकारी
परम धाम की मैया वासी
दसों दिशायें माँ की दासी
महामाया जगदीश्वरी दुर्गा दयानिधान
परमब्रह्म परमेश्वरी सर्व गुणों की खान
जय जय दुर्गा माता तेरी जय हो दुर्गा माता
आदि अनंता शक्तीशाली
सबके संकट हरने वाली
शेर सवारी करके आती
नौ रूपों में दर्शन दिखाती
सत्य सनातन की रखवाली
युगों युगों की ब्याधा टाली
जिसके सर है माँ की छाया
जग में सबकुछ उसने पाया
देवी देवता ध्यान लगाते
माँ की महिमा हरदम गाते
दुष्टजनों की काल है माता
साधुसंत की ढाल है माता
तीन लोक जयकारा गूंजे
सारी सृष्टि माँ को पूजे
माँ दुर्गा का प्यारा सुमिरन
सफल बनाये सबका जीवन
शक्ति स्वरूपा भगवती महिमा अपरंपार
भक्तों का रक्षण करे धर के रूप हजार
जय जय दुर्गा माता तेरी जय हो दुर्गा माता
नवरातों के दिन जब आते
नौ रूपों में दर्शन पाते
नित्य नया माँ रूप दिखाती
सबका जीवन धन्य बनाती
शैलपुत्री माँ पहला दर्शन
प्रथम स्वरूपा अतिमनभावन
दूजा दर्शन ब्रह्मचारिणी
दयावान और धर्मधारिणी
चंद्रघंटा माँ रूप मनोहर
तीजे दर्शन होये उजागर
चौथे दिन कूष्मांडा माता
दिव्य रूप जग दर्शन पाता
पांचवे दिन माँ स्कंदमाता
स्वर्ण स्वरूपा जग विख्याता
छठवें रूप में माँ कात्यायनी
ममतामयी है माँ वरदायनी
माँ दुर्गा नारायणी तीन भुवन की भूप
भक्तों की विपदा हरे धर के भिन्न स्वरूप
जय जय दुर्गा माता तेरी जय हो दुर्गा माता
रूप सातवां है कालरात्री
रौद्रस्वरूपा काल की भांती
रूप आठवां है महागौरी
स्वेतवर्ण जन जीवन प्रहरी
नवें दिवस माँ सिद्धीदात्री
अष्ट सिद्धि दे हर नवरात्री
नौ दुर्गा के नौ दिन प्यारे
नौ दिन गूंजे जय जयकारे
स्वर्ग लोक से माता उतरती
धरा गगन को पावन करती
भक्तजनों के घर में आती
आशीर्वाद माँ देकर जाती
सरल करे माँ सबका जीवन
तोड़े दुख दुविधा के बंधन
दीन दयामय दुर्गा मैया
पार लगाये भव से नैया
माँ दुर्गा के नाम से बनते बिगड़े काम
रहती है माँ भगवती अंगसंग आठों याम
जय जय दुर्गा माता तेरी जय हो दुर्गा माता
माँ दुर्गा सा कोई न दूजा
सुरनर इंद्र करें नित पूजा
सब पे करती आंचल छैंया
माँ दुर्गा हैं जगत रचैया
जिसने जैसा भाव बनाया
उसी रूप में माँ को पाया
सौम्य रूप में जगत संवारे
रौद्र रूप में राक्षस मारे
जग में जब भी विपदा आयी
सिंहवाहिनी बनी सहायी
माँ की महिमा सुखद सुहानी
करता सुमिरन हर एक प्राणी
माँ बरसाये करूणा मोती
माँ ही जलाये जीवन ज्योती
निराकार साकार भवानी
बड़ी मनोहर माँ की वाणी
रोम रोम में माँ बसे कणकण माँ के धाम
अनहद रूपी भगवती अनहद माँ के नाम
जय जय दुर्गा माता तेरी जय हो दुर्गा माता
माँ ही लक्ष्मी माँ ही काली
माँ ही सरस्वती वीणा वाली
भक्त जनों को जैसा भाया
उसी रूप में माँ को पाया
लक्ष्मी बनकर मैया आती
धन और वैभव संग में लाती
निर्धन को धनवान बनाये
दुनिया में सम्मान दिलाये
यश और कीर्ती माँ फैलाये
ऊंचे पद पर माँ पहुँचाये
हीरे मोती स्वर्ण आभूषण
लक्ष्मी बनके बाँटे हर क्षण
आभावों को दूर भगाये
सबका जीवन सहज बनाये
माँ लक्ष्मी की छवि सुहानी
बलिहारी हैं जग के प्राणी
कमल विराजे भगवती नारायण है साथ
माँ लक्ष्मी के रूप में बाँटे सुख सौगात
जय जय दुर्गा माता तेरी जय हो दुर्गा माता
माँ जब करती हंस सवारी
कहे सरस्वती दुनिया सारी
सौम्य रूप में दर्शन देती
अंधकार को माँ हर लेती
ज्ञान दायिनी वीणावाली
धवल धारिणी छवि निराली
मात शारदे बुद्धि प्रदायक
कला की देवी ज्ञान सहायक
माँ के बिना हर सिद्धि अधूरी
माँ ही करे हर साधना पूरी
माँ ही गीत और ग्रंथ लिखाये
सुर सरगम परिपूर्ण बनाये
कंठ बसे जब मात भवानी
शहद से मीठी लगती वाणी
चित्रकार के रंग सजाती
रंग रंगीली धरा बनाती
मात शारदे रूप में तारे सकल जहान
दुर्गुण दुर्गति हर लेती देके ज्ञान वरदान
जय जय दुर्गा माता तेरी जय हो दुर्गा माता
जब जब मैया क्रोध में आये
रणचण्डी का रूप बनाये
महारौद्र माँ रूप दिखाये
दुष्ट अधम का वंश मिटाये
गले में धारे मस्तक माला
हाथ में खप्पर महा विशाला
काली बनकर काल हराये
अभयवान संसार बनाये
काली काटे कष्ट के घेरे
भक्त हृदय में करे बसेरे
दयावान माँ करूणा सागर
माँ की महिमा जगत उजागर
सबको माता बल है देती
रोग दोष तन का हर लेती
सकल ब्रह्म की जननी माता
सुखकारी दुखहरनी माता
दुर्गा काली रूप में करे अधम का नाश
भक्तवत्सला माँ करे पूरण सबकी आस
जय जय दुर्गा माता तेरी जय हो दुर्गा माता
विंध्याचल की मात भवानी
जम्मू की माँ वैष्णो रानी
माँ दुर्गा अन्नपूर्णा माई
चिंतापूर्णी मात सहायी
मात शारदा मैहरवाली
कलकत्ता की देवी काली
ललिता षोडषी त्रिपुरावाली
दिव्य रूप तुलजापुर वाली
कामरूप कामाख्या देवी
पर्वतवासिनी नंदा देवी
बगलामुखी है धाम निराला
#Durgaamritwani #Durgabhajan #DurgaSong



Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.